| user :: [1] lucaborg |
|
rodolfo ::
23:56 04/02/07 :: 0 risposte |
|
अमिताभ बच्चन कलकत्ता की एक कंपनी में छह वर्ष अच्छी नौकरी करने के पश्चात वे फिल्मो में भाग्य आजमाने के लिए बंबई पहुंचे। ख्वाजा अहमद अब्बास की फ़िल्म "सात हिन्दुस्तानी" में काम करने के लिए सन १९७१ में चुने गए। यह फ़िल्म सफल नहीं हुई लेकिन उसी वर्ष हृषीकोश मुखर्जी द्वारा निर्मित फ़िल्म "आनंद" को जबर्दस्त सफलता मिली और इसमें अमिताभ बच्चन के अभिनय को भी भरपूर सराहा गया। इस फ़िल्म में उन्होंने तत्कालीन सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ काम किया था। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई असफल फ़िल्मों में काम किया। लेकिन इसके बाद सफल फ़िल्मों का तांता लग गया। अमिताभ बच्चन के नाम से जुड़ जाने से ही फ़िल्में चलने लगीं। इनकी पत्नी जया भादुड़ी भी एक उत्तम अभिनेत्री हैं । जया और अमिताभ बच्चन के बेटे अभिषेक बच्चन भी बॉलीवुड में अपना नाम कमा रहे हैं । सन १९८४ के आम चुनावों में अमिताभ बच्चन ने हेमवती नंदन बहुगुणा जैसे प्रभावशाली राजनेता को हराकर इलाहाबाद से लोकसभा का चुनाव भारी बहुमत से जीता। १९८६ में बोफ़ोर्स प्रकरण में उनका नाम आने की वजह से अमिताभ ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा देते हुए राजनीति से संन्यास ले लिया । १९९० के आते-आते अमिताभ के फ़िल्मी सफ़र में ठहराव आया और उनकी कई फ़िल्में बॉक्स ऑफ़िस पर पिटने लगीं । उदारीकरण के दौर में अमिताभ बच्चन ने अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड नाम की कंपनी की शुरूआत की लेकिन जल्द ही इसमें भी उन्हें असफलता हाथ लगी । टीवी चैनल स्टार प्लस पर प्रसारित कार्यक्रम कौन बनेगा करोड़पति से अमिताभ बच्चन को आशातीत सफलता हाथ लगी और व्यावसायिक तौर पर उन्हें इससे भारी लाभ हुआ । अमिताभ बच्चन ने इसके बाद सफलता की वह ऊंचाई छू ली जहां कभी कोई नहीं ग़या था। ![]() DVRITIAM CORDIS VESTRIS SAXA TRAERE MERVISTIS |
